क्योंकि जब मैं रोता हूँ तो ये कभी नहीं हस्ता…!!!
वरना हम तो हँसना भी सीख गए थे दर्द के साथ।
काश वो मेरा कुछ न होता पर मुक़द्दर होता।
जो किसी बेपरवाह से बे-पनाह इश्क करते है।
यहां सीने से लगाकर, लोग दिल निकाल लेते है…!
लड़कों की हँसी भी अक्सर आंसुओं में बदलती है।
अगर तुम्हे खुशी मिलती है, हमसे बात ना करके,
वो पत्रा पलटते है और मैं किताब जला देता हु…!
डूब Sad Shayari in Hindi जाते है आँखों में ख्वाबो के सभी जहाज,
तेरी यादों के साये मुझे हर रोज़ जलाते हैं।
एक दर्द-ए-दिल है, वो भी किसी का दिया हुआ।
Within a environment where thoughts normally go unexpressed, न्यू सैड शायरी serves for a poignant reminder of the center’s struggles. For anyone emotion missing or heartbroken, these verses resonate deeply, significantly for boys navigating their own psychological landscapes.
वरना “मेरी जान” लगाकर भूल जाने से तो पौधे भी मुर्झा जाते है…!
मुझे वहाँ से समझो… जहाँ मैं ख़ामोश हो जाता हूँ,